बुध प्रदोष- गोधूली बेला में ऐसे करें भगवान शंकर का पूजन

20 मई दिन बुधवार को ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि है, इस तिथि प्रदोष कहा जाता है। शिव महापुराण के अनुसार, प्रदोष के दिन व्रत रखकर भगवान शिव का विशेष पूजन अर्चन करने से अनेक मनोकामनाएं पूरी हो जाती है। इस दिन बुधवार का दिन होने यह बुधवारी प्रदोष कहलाता है। शिवजी के साथ गणेश जी का पूजन भी इस दिन करना चाहिए। हनुमान जी हर लेंगे सारे कष्ट और परेशानी, मंगलवार जरूर करके देखें यह काम 20 मई को ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी…

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