कोरोना की मारकेश दशा शुरू, इस तारीख से शुरु होगी कोरोना की उल्टी गिनती

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हमारे देश में ही नहीं इन दिनों पूरी दुनिया में कोरोना से मुक्ति को लेकर कोशिशें जारी हैं। ऐसे में करीब 4 महीनों से भारत सहित पूरी दुनिया के लोग कोरोना के कहर से परेशान हैं। ऐसे में आज हर कोई कोरोना से मुक्ति पाना चाहता है।

ऐसे में जहां देश दुनिया के तमाम डॉक्टर आदि इसकी वैक्सीन की खोज में लगे हैं, वहीं ज्योतिष भी ग्रहों की दशा व गति के आधार पर ये निकालने में जुटे हुए है कि इस महामारी से मुक्ति कब व कैसे मिलेगी।

कोरोना से मुक्ति के संबंध में विस्तार से बताते हुए ज्योतिष के जानकार पंडित सुनील शर्मा का कहना है कि चूकिं कोरोना की शुरुआत दिसंबर 2019 के सूर्यग्रहण के चलते सामने आती दिख रही है। ऐसे में सूर्य ही इस महामारी को विराम देने में सक्षम दिखाई दे रहा है। वहीं 2 अगस्त से सूर्य के साथ बुध के एक ही राशि पर आने से बुधादित्य योग के चलते कोरोना पर इसका प्रभाव पड़ने की आशा है।

लेकिन इस समय सूर्य व बुध दोनों कर्क यानि चंद्र की राशि में मौजूद रहेंगे। चंद्र के पिता होने के बावजूद उनके पुत्र बुध उनसे शत्रुता रखते हैं, ऐसे में चंद्र जहां एक ओर इस संक्रमण के फैलाव में मददगारक बनता दिख रहा हैं। जिसके चलते बुधादित्य योग के बावजूद चंद्र कोरोना की रोक के लिए सूर्य व बुध के योग को असफल बनाते हुए इसे फैलाने का कार्य करता दिख रहा है।

शुरुआती दिनों में कुछ स्थिरता आने की संभावना

लेकिन इसके बाद जहां 16 अगस्त को सिंह संक्रांति के साथ ही सूर्य, सिंह यानि अपनी ही स्वामित्व वाली राशि में प्रवेश कर जाएंगे, वहीं इसके ठीक अगले दिन बुध भी कर्क राशि से निकल कर सूर्य की राशि सिंह में सूर्य के साथ आ जाएंगे। इसके बाद कोरोना में कुछ स्थिरता आने की संभावना है यानि इसका तेजी से फैलाव का दायरा सीमित रह जाएगा।

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ऐसे में यहां बनने वाला बुधादित्य योग काफी कारगर माना जा रहा है और यहीं से कोरोना की मारकेश दशा शुरू होती दिख रही है। लेकिन 9 अगस्त, रविवार 05:03 AM बजे (यानि बुध के सिंह राशि में जाने से पहले ही) से 5 सितंबर, शनिवार 07:23 PM तक बुध तारा अस्त रहेगा। वहीं 2 सितंबर को ही बुध 12:11 PM पर सूर्य का साथ छोड़कर अपने स्वामित्व वाली कन्या राशि में चले जाएंगे।

जिसके बाद धीरे धीरे कोरोना पर शिकंजा कसता जाएगा या इस दौरान कोई वैक्सीन के भी सामने आने की संभावना है।

इस योग का प्रभाव

वहीं इसके बाद बुधवार, 16 सितंबर को कन्या संक्रांति 2020 पर सूर्य भी बुध के स्वामित्व वाली राशि कन्या में आ जाएंगे। ऐसे में 5 सितंबर को 07:23 PM के बाद बुध तारा अस्त से बाहर आ जाएगा। जिसके बाद कोरोना पर इस बुधादित्य योग का भयंकर प्रभाव पड़ेगा। वहीं चूंकि यह योग बुध के स्वामित्व वाली राशि में होगा, अत: इसे पूर्व की भांति चंद्र या अन्य ग्रह प्रभावित नहीं कर पाएंगे।

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ये कहते हैं ग्रह...
पंडित शर्मा के अनुसार ग्रहों की इस प्रकार की गति व दशा देखकर ये प्रबल संभावना दिख रही है कि 2 अगस्त से कोरोना रोकने की तमाम कोशिशों के बावजूद इसके तेजी से फैलने की संभावना है। वहीं 16-17 अगस्त से इस पर विराम लगने के योग होने के बावजूद केवल इसके असर पर कुछ हद तक नियंत्रण होता दिख रहा है। लेकिन इसके बाद 5 सितंबर के बाद कोरोना के टिके रहने की संभावना लगातार कम होती चली जाएगी। जिसके चलते 27 सितंबर के आसपास तक चंद केसों के अलावा पूरी स्थितियां कंट्रोल में आती दिख रही हैं।



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