पत्तियों, पाइप, कार पर जमी बर्फ की परत

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शाजापुर. उत्तर-पूर्वी भारत में हो रही बर्फबारी शहरवासियों को जनजीवत अस्त व्यस्त कर दिया है। वहीं किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। दूसरे दिन तापमान और कम हो गया, जो 3.2 डिग्री दर्ज किया गया। बीते २० सालों में पहली बार दिसंबर माह में इतनी सर्दी देखने को मिल रही है। इससे फसलों में पाला पडऩे की आशंका बढ़ गई है। इस मौसम से जहां जिले में सर्वाधिक आलू-चना की फसल प्रभावित हुई है, वहीं सरसों और गेहूं बेहतर स्थिति में हैं। तापमान गिरने से जिले में ३० प्रतिशत के लगभग आलू की फसल का नुकसान हुआ है। वहीं 5-10 प्रतिशत चने की फसल प्रभावित हुईहै। मौसम विभाग के मुताबिक 3 जनवरी तक ५ डिग्री के आसपास तापमान बना रहेगा। ऐसे में आगामी दिनों में पाले का असर फसलों पर और अधिक बढ़ सकता है।
पिछले दो दिन पड़ रही सर्दी का असर आमजनों के साथ ही फसलों पर देखा जा रहा है। लगातार दो दिनों से लगातार3.6 और3.2 रहने से सैकड़ों हैक्टेयर की फसल पाले की चपेट में आ गई है। हालांकि अभी कितनी फसलों को नुकसान हुआ इसका सर्वे नहीं हो पाया है। कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक आलू की फसलों में ३० और चने की फसलों में 5 प्रतिशत नुकसान बताया जा रहा है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसएस धाकड़ ने शनिवार को क्षेत्र के ग्राम सतगांव, टिमायची, टुंगनी गांव का दौरा किया। जहां फसलें पाले की चपेट में आई हैं। डॉ. एसएस धाकड़ ने बताया कि मौसम को देखते हुए किसानों को फसलों को पाले से बचाने के उपाय बताएं गए हैं। फसलों को सुरक्षित रखा जा सकता है। आगामी दिनों में तापमान 5 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। इसके तहत सावधानी बरतने की सलाह दी गईहै।
सिंचाई के लिए लगे पाइप कड़क हो गए
दो दिनों से उत्तर-पूर्वी में हो रही बर्फबारी का असर इतना हुआ कि शहर में पत्तों से लेकर खुली कार पानी में बर्फ की परत जमने लगी है। शनिवार को मंडी पहुंची सब्जियों में बर्फ की परत जमी हुई पाई। खेतों में सिंचाई के लिए लगे पाइप कड़क हो गए और उन पर बर्फ की परत जम गई, कई पाईप फट भी गए। दूसरे दिन भी सर्दी अधिक होने से सुबह से किसान खेतो पर पहुंची और अपनी फसलों की जानकारी ली। इसमें अनेक ग्रामों में फसलें प्रभावित होने की सूचना है।
दिन में पहने गर्म कपड़े, अलाव बना सहारा
दो दिन में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री से घटकर 3.२ डिग्री पर पहुंच गया। नतीजन शहरवासियों को दिनभर अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है। सुबह से कंपकंपाने वाली सर्दी से लोगों की सुबह देर से हो रही है। दिसंबर माह में सालों बाद इतनी सर्दी देखने को मिल रही है। बर्फबारी से तापमान लगातार कम होता जा रहा है। इसके पहले भी न्यूनतम तापमान लगातार आठ दिनों तक 5 से 6 डिग्री दर्ज किया जा रहा था, लेकिन इस बार पडऩे वाली सर्दी ने लोगों की दिनचर्या पर असर डाल दिया। ८ किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के कारण दिनभर लोग गर्म कपड़ों व सुबह से रात तक लोग अलाव जलाए रहे।
हली बार ४ डिग्री के नीचे पहुंचा तापमान
दिसंबर माह में बीते २० साल में पहली बार तापमान ४ डिग्री के पहुंचा है। अभी तक का दिसंबर माह में सबसे कम तापमान ३० दिसंबर २००३ को दर्जकिया गया था। इस वर्ष बीते सप्ताह में ५ डिग्री तक तापमान पहुंच चुका है। वहीं शुक्रवार और शनिवार को पारा ३.६ और ३.२ डिग्री पहुंच गया। ये तापमान बीते २० साल में कभी भी दिसंबर माह में नहीं रहा। जनवरी में तामपान २ डिग्री से कम रहा है।
दिसंबर में अब तक ये रहा न्यूनतम पारा
वर्ष न्यू. तापमान
27 दिसंबर2017 6.6 डिग्री
29 दिसंबर 20167.5डिग्री
15 दिसंबर 2015 4.8 डिग्री
30दिसंबर 2014 4.7डिग्री
21 दिसंबर 2013 6.6 डिग्री
२१ दिसंबर 2012 5.0 डिग्री
12 दिसंबर 2011 6.4डिग्री
20 दिसंबर 2010 6.0 डिग्री
30 दिसंबर 2009 8.1 डिग्री
25 दिसंबर 2008 6.6 डिग्री
31 दिसंबर 2007 6.9डिग्री
15 दिसंबर६ 20067.8 डिग्री
17दिसंबर 2005 4.9 डिग्री
12 दिसंबर 2004 7.6 डिग्री
पाले से फसल बचाने के लिए ये करें किसान
आलू, मटर, काबूली चना की फसल पर पाले का खतरा
खेतों में हल्की सिंचाई करें, जिससे खेत का तापक्रम 0.5 डिग्री से 2 डिग्री तक बढ़ जाता है
खेत में हल्की सिंचाई स्प्रीकंलर से करें
कुछ रसायनों के उपयोग से भी पाले से बचाव किया जा सकता है
थायोयूरिया की 500 ग्राम मात्रा का एक हजार लीटर पानी में धोल बनाकर छिड़काव करें - 8 से 10 किलोग्राम सल्फर डस्ट प्रति एकड़ बुरकाव अथवा वेटेबल या धुलनशील सल्फर 3 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।
खेतों एवं बगीचों में धुआं करें
नम घास या टहनियां को इस तरह जलाएं कि धुआं खेतों पर एक परत बना लें, 6 से 8 जगहों पर धुआं करेंं।
आज से न्यूनतम तापमान में एक डिग्री की बढ़ोतरी होने की संभावना है। इस सर्दी का असर ३ जनवरी तक रहेगा। ऐसे में तापमान ५-६ डिग्री तक रहेगा।
सत्येंद्र कुमार धनोतिया, मौसम पर्यवेक्षक



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