घर में बंद लोगों के लिए मूड स्विंग होना एक बड़ा चैलेंज, ऐसे बचें

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लॉक डाउन में घर में ही रहने को मजबूर लोगों को विभिन्न प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें प्रमुख है स्ट्रेस मैनेजमेंट। बीते एक माह के दौरान कई अमरीकन एनजीओ ने लोगों के व्यवहार को लेकर अलग-अलग सर्वे किए हैं, जिसमें सामने आया है लोग विशेष रूप से मूड स्विंग की समस्या का सामना सबसे अधिक कर रहे हैं। हालांकि एक्सपर्ट मानते हैं कि यदि व्यक्ति स्वयं को इस समस्या से घिरा पाता है तो छोटे-छोटे उपायों की मदद से आसानी से अपने व्यवहार को नॉर्मल कर सकता है।

म्यूजिक मन को करता है प्रसन्न
मूड स्विंग के कारण जब भी आपका मन उदास हो तो म्यूजिक का सहारा लें। अपनी पसंदीदा प्लेलिस्ट क्रिएट करें और कम आवाज में उसे सुनने का आनंद लें। आप चाहे तो ऑनलाइन म्यूजिक ऐप की भी मदद ले सकते हैं। इसके अलावा आप यदि डांस करने का शौक रखते हैं तो मूड स्विंग के चैलेंज से निपटने के लिए यह भी एक बेस्ट एक्टिविटी हो सकती है।

योग व एक्सरसाइज जरूरी
सामान्य रूप से योग व एक्सरसाइज को शारीरिक तथा दिमागी कसरत के लिए अहम माना जाता है। जब मूड स्विंग की परेशानी का सामना कर रहे हो तो योग को अपनी दिनचर्या में सम्मलित करना अधिक आवश्यक हो जाता है। हालांकि यह आवश्यक नहीं है कि आप केवल योग ही करें। एरोबिक्स, पुश अप्स जंपिंग स्क्वाट जैसी एक्टिविटी को भी अपना सकते हैं।

क्या है मूड स्विंग होना
यह बायलोजिकल डिसआर्डर है, जिससे दिमाग में एक प्रकार का रासायनिक असंतुलन हो सकता है। इसके प्रमुख लक्षण होते हैं कि कभी व्यक्ति अचानक बहुत खुश हो जाता है तो कभी बहुत ही उदास। हालांकि बार-बार मूड बदलने का कारण खून में मौजूद कार्टिसोल नामक स्ट्रेस का बढऩा या थाइराइड असंतुलन भी है। यह महिलाओं या पुरुषों दोनों को किसी भी उम्र में हो सकता है।



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