Facebook से लेकर Amazon तक सब पर गड़बड़झाले का आरोप, तब बने नंबर 1

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नई दिल्ली : Facebook, Amazon, Google और Apple इन कंपनियों का आज की तारीख में डंका बजता है । लोग इनकी सफलता की मिसाल देते हैं लेकिन इनके सफल होने के पीछे का सच जानकर आप भी परेशान हो जाएंगे। दरअसल दुनिया की इन सबसे बड़ी टेक कंपनियों और कारोबारी शहंशाहों पर आरोप है कि इन्होने मार्केट के नियमों को धता बताकर ये मुकाम हासिल किया है।

इन कंपनियों पर आरोप है कि इन्होने सिर्फ टेक्नोलॉजी और बिजनेस स्ट्रेटेजी से नहीं बल्कि अपने प्रतियोगियों को खत्म कर नंबर वन की उपाधि हासिल की। एक जांच के दौरान सामने आए पुराने ईमेल व अन्य डॉक्यूमेंट्स से इन बातों का पता चलता है। कि इन्होने अपने प्रतियोगियो को डरा धमका कर उनक बिजनेस को खरीद लिया या किसी तरह खुद से जोड़ लिया ताकि ये मार्केट में सबसे आगे बने रह सकें । इसी सिलसिले में बुधवार को चारों कंपनियों के सर्वेसर्वा अमेरिकन कांग्रेस के सामने पेश हुए थे ।

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अमेरिकी कांग्रेस के सदस्यों ने जांच के दौरान हाथ लगे ईमेल्स को सार्वजनिक कर दिया ।

किसने किसका गला घोंटा- फेसबुक के फाउंडर मार्क जकरबर्ग ( facebook founder Mark Zuckerberg ) ने सोशल नेटवर्किंग बिजनेस में बने रहने के लिए अपने कंप्टीटर Instagram app का टेकओवर कर लिया। 1 अरब में हुए इस टेकओवर को सिर्फ प्रतियोगिता खत्म करने और फेसबुक को नुकसान से बचाने के लिए किया । जकरबर्ग ने खुद ईमेल में इस बात को लिखा है।

इसी तरह से अमेजन के फाउंडर जेफ बेजोस ( jeff bezos ) ने डायपर्स डॉट कॉम और सोप डॉट कॉम को प्रतियोगिता से हटाने के लिए इन दोनो का टेकओवर कर लिया । पेंसिल्वेनिया की डेमोक्रैटिक सांसद मैरी गे स्कैनलॉन ने अमेजन के सीईओ जेफ बेजोस पर आरोप लगाया कि अमेजन ने लगातार अपने प्रतियोगियों को कमजोर करने क लिए सस्ते में और यहां तक कि नुकसान में भी माले बेचे। जवाब में जेफ बेजोस ने कहा कि उन्हें उस वक्त की बातें याद नहीं है। वह सिर्फ इतना कह सकते हैं कि उनकी कंपनी ग्राहकों को लेकर बेहद संजीदा है। जबकि जकरबर्ग ने अपने ऊपर लगाए आरोप को मानने से इंकार कर दिया ।

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एक दशक से ज्यादा पुराने कुछ ईमेल बताते हैं कि गूगल उन कंपनियों को अपने सर्च इंजन लिस्ट से हटा देने का विकल्प अपनाती थी, जिन्हें वह अपने लिए खतरा समझती थी। इसी तरह Apple से जुड़े एक पुराने ईमेल के मुताबिक उस वक्त के सीईओ स्टीव जोब्स एपल के एप स्टोर के जरिये डेवलपर्स को दंडित करते थे।

हालांकि इन सभी ने अपने ऊपर लगे आरोपों में सफाई दी लेकिन ये दिखाता है कि किस तरह से इन कंपनियों ने शुरूआती दिनों में अपने प्रतियोगियो का गला काट दिया ।



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