Online Video Platform पर धुएं में उड़े Films, TV के नियम, सरकार भी परेशान

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युवाओं को लुभाने के लिए Tobacco कंपनियों को अब नया सहारा Online Video streaming platforms में मिल गया है। सिनेमा हॉल इन दिनों बंद हैं और वहां Tobacco products को दिखाने पर पहले से बहुत सख्ती है। ऐसे में उसकी कसर ये यहां निकाल रहे हैं। इनमें तंबाकू सेवन के दौरान किसी भी तरह की सेहत संबंधी चेतावनी भी नहीं दिखाई जा रही।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी इसे कानून का उल्लंघन मानते हुए सूचना प्रौद्योगिकी (आइटी) मंत्रालय को पत्र लिख कर कार्रवाई की मांग की है। नेटफ्लिक्स, एमेजन प्राइम और हॉटस्टार जैसी इन सेवाओं को ओवर द टॉप यानी ओटीटी के नाम से जाना जाता है। कोरोना काल में सिनेमा हॉल के बंद होने के बाद से काफी लोकप्रिय हुए हैं।

70% में दिखाया Tobacco use

प्रतिष्ठित ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित ताजा शोध में भारत के युवाओं में लोकप्रिय 10 सीरीज के 188 एपिसोड का अध्ययन किया गया है। इसमें पाया गया है कि इनमें से 70 फीसदी में तंबाकू उत्पादों का उपयोग दिखाया गया। भारत, अमेरिका और स्वीटजरलैंड स्थित विशेषज्ञों ने यह अध्ययन किया है। इन प्लेटफार्म पर विदेशी और भारत में बनी दोनों तरह की सामग्री लोकप्रिय हैं और विदेशी सामग्री को भी भारत में दिखाते समय ना तो छांटा जा रहा है और ना ही ब्लर किया जा रहा है।

फिल्म और टीवी में ऐसा होता है

जबकि केंद्रीय कानूनों का पालन करते हुए फिल्मों और टेलीवीजन पर तंबाकू उपयोग के दृष्य भी आते हैं तो वहां चेतावनी दिखानी होती है। साथ ही कार्यक्रम की शुरुआत और मध्य में जागरुकता का वीडियो दिखाया जाता है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी बताया गलत

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी भी मानते हैं कि वीडियो स्ट्रीमिंग सेवाओं की ओर से तंबाकू उत्पाद संबंधी कानून का साफ उल्लंघन हो रहा है। ये कहते हैं कि इस संबंध में मंत्रालय ने संबंधित सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को पत्र लिखा गया है। इसमें कहा गया है कि इन पर सख्त कार्रवाई हो।

ब्रांड प्लेसमेंट भी हो रहे

टोबैको कंपनियां एक समय फिल्मों में इस हथकंडे को खूब अपनाती थीं। यह सीधा विज्ञापन नहीं होता। इसके तहत ब्रांड को क्लोज-अप में या बैकग्राउंड में प्रमुखता से दिखाया जाता है। अब यह वीडियो प्लेटफार्म पर हो रहा है। अध्ययन में शामिल 10 सीरीज में से 4 में ब्रांड को प्रमुखता से दिखाया गया है। कहीं इनके पैकेट के माध्यम से तो कहीं इनकी होर्डिंग या पोस्टर आदि दिखा कर।

कैसे है कानून का उल्लंघन

भारत में तंबाकू उत्पादों के किसी भी तरह के विज्ञापन और प्रोत्साहन पर पूरी तरह रोक है। ‘सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद कानून’ (कॉटपा) की धारा 5 में इसका प्रावधान है।

अंतरराष्ट्रीय संधि का भी उल्लंघन

भारत ‘तंबाकू नियंत्रण पर फ्रेमवर्क संधि’ (एफसीटीसी) में भी शामिल है। इसकी धारा 13 के मुताबिक मनोरंजन कार्यक्रमों में तंबाकू के उपयोग को दिखाना भी हो तो सेहत संबंधी चेतावनी जरूरी है।



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Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by CurrentIndia.net. Source: Patrika.com

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