त्वचा की 'सेहत' बनाए रखने के लिए बढ़ रहा है 'स्किन फास्टिंग' का ट्रेंड

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आप कब तक अपने चेहरे को स्किन टोनिंग क्रीम, फेस मास्क और मॉइस्चराइजर से धोए बिना रह सकती हैं? एक दिन, एक सप्ताह, एक महीने या इससे भी ज्यादा समय तक? दरअसल यह त्वचा को प्राकृतिक रूप से अपनी भरपाई करने देने का एक तरीका है जो इन दिनों नवीनतम स्किन केयर ट्रेंड्स (Skin Care Trends) में से एक है। इटरनेट और सोशल मीडियाप्लेटफॉर्म्स पर वायरल इस ट्रेंड को विशेषज्ञ 'स्किन फास्टिंग' (Skin Fasting) कह रहे हैं। इसमें त्वचा को 'डिटॉक्स' (Detox) करने के लिए सभी स्किन केयर प्रोडक्ट्स से परहेज किया जाता है। जापानी ब्यूटी कंपनी हॉलिस्टिक ने इसे लोकप्रिय बनाया है। कंपनी के अनुसार जापान (Japan) की यह पारंपरिक 'मिराई क्लिनिकल तकनीक' परंपरागत उपवास को उपचार पद्धति के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है जिसे मॉडर्न भाषा में युवाओं के बीच लोकप्रिय करने के लिए इसे 'स्किन फास्टिंग' का नाम दिया गया है।

त्वचा की'सेहत' बनाए रखने के लिए बढ़ रहा है'स्किन फास्टिंग' का ट्रेंड

डिटॉक्स बना परेशानी
डिटॉक्सीफिकेशन या डिटॉक्स शब्द सुनते ही दिमाग में एक ही बात आती है नियमित दिनचर्या के तहत त्वचा को प्राकृतिक रूप से डिटॉक्स करने की बजाय दर्जनों ब्यूटी प्रोडक्ट्स (Beauty Products) के जरिए फटाफट समाधान ढूंढना। कैमिकल्स और त्वचा पर खतरनाक असर डालने वाले ये उत्पाद अब हमारे रुटीन में शामिल हो गए हैं। ऐसे में बहुत संवेदनशील त्वचा वाले लोगों के लिए यह सुनिश्चित करना कि वे अपनी त्वचा की सेहत बनाए रखने के लिए क्या करें, आसान काम नहीं है। संवेदनशील त्वचा और हानिकारक कैमिकल्स वाले ब्यूटी प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल में समझदारी से काम लेना बहुत जरूरी है।

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क्या है 'स्किन फास्टिंग'
हमारी स्किन 'सीबम' (Sebum) नामक एक तैलीय पदार्थ छोड़ती है जो त्वचा में नमी की कमी को रोकती है। 'स्किन फास्टिंग' के पीछे विचार यह है कि त्वचा को प्राकृतिक रूप से 'सांस' लेने दे। ब्यूटी विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित रूप से उपयोग में लिए जाने वाले सौंदर्य उत्पादों में कटौती करने से त्वचा की चमक और जवां बने रहने की सीमा को बढ़ाया जा सकता है। त्वचा से निकलने वाला सीबम स्वाभाविक रूप से हमारी स्किन को मॉइस्चराइज कर उसे सेहतमंद बनाए रखता है। त्वचा पर एक दिन छोड़कर मेकअप करने, टोनर, मॉइस्चराइजर और फेस मास्क से मेकअप हटा लें। इससे त्वचा को न्यूट्रिलाइज होने का समय मिल जाता है। हफ्ते में एक दो दिन सिर्फ पानी और सनस्क्रीन का उपयोग करें ताकि धूप से पहुंचे नुकसान की भी भरपाई हो सके। पूरे दिन में कम से कम तीन लीटर पानी (Drink Water for Much Healthier Skin) पिएं। पानी त्वचा को प्राकृतिक रूप से डिटॉक्स कर शानदार बनाता है।

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और भी तरीके हैं स्किन फास्टिंग के
अक्सर लोग सवाल करते हैं कि क्या स्किन फास्टिंग का समर्थन करने के लिए कोई और थ्योरी है? तो ऐसे लोगों को 'उन्मूलन आहार' (Elimination Diet) के जरिए त्वचा को स्वस्थ और खूबसरूत बनाने पर ध्यान देना चाहिए। अगर सौंदर्य उत्पादों में मौजूद रासायनिक तत्वों से कोई समस्या है, तो ऐसे उत्पादों से नियमित अंतराल पर परहेज करने से आपकी त्वचा को अपने आप ही संतुलित होने का मौका मिलेगा। हालांकि, विशेष रूप से स्किन फास्टिंग के लिए कोई अलग शोध या अध्ययन नहीं हैं। यही कारण है कि यह कुछ लोगों पर असर डालता है और बहुतों पर इसका कोई असर नहीं पड़ता। ऐसा इन संभावित कारणों से भी हो सकता है-

त्वचा की'सेहत' बनाए रखने के लिए बढ़ रहा है'स्किन फास्टिंग' का ट्रेंड

-त्वचा की प्रकृति (Skin Type) के विपरीत गलत उत्पादों का उपयोग करना
-ओवर-एक्सफोलिएटिंग (Over-Exfoliating) के बाद स्किन फास्टिंग आपकी त्वचा को ठीक होने में मदद करती है
-देती है।
-संवेदनशील त्वचा (Sensitive Skin) पर हार्श और जलन पैदा करने वाली सामग्री का उपयोग करना
-त्वचा के तेजी से विकसित होने के दौरान उसका सेल टर्नओवर (Cell Turnover) बढऩा भी एक कारण हो सकता है



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Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by CurrentIndia.net. Source: Patrika.com

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