अगर उम्र बढ़ानी है तो शहर भी बदलकर देखिये

Spread the love

अच्छे स्वास्थ्य के लिए देखभाल और गुणवत्ता कारक है। मौसम, जलवायु, वायु प्रदूषण व अन्य पर्यावरणीय कारक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। अत्याधिक ऊंचाई और चढ़ाव वाले स्थान आमतौर पर जीवन को कम करते हैं। अत्याधिक गर्मी और सर्दी का भी मृत्यु दर से संबंध है। स्वास्थ्य व्यवहार, चिकित्सा देखभाल और आनुवांशिक विरासत दीर्घायु के लिए जरूरी है। जीवन को बढ़ाने के लिए नीतियों का ध्यान रखना चाहिए। स्थान-आधारित कारक का जीवनकाल पर असर पड़ता है जो कि स्थान के आधार पर भिन्न-भिन्न होता है। खाड़ी देशों में पिछले तीन दशकों के अनुसंधान में यह पता लगाया गया कि अलग-अलग शहरों में सबसे कम जीवनकाल 50 वर्ष एवं ज्यादा 80 वर्ष रहा। मृत्यु के अंतर को कुछ ब्लॉकों की अवधि में विभाजित किया जा सकता है। कुछ मायनों में जगह हमें प्रभावित करती है।

कई कारण होते हैं
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी और मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के अर्थशास्त्रियों के दल ने एक शोध किया है। 1999 से 2014 तक मेडिकेयर लाभार्थियों का एक व्यापक डेटा बनाया गया। उन्होंने 65 वर्ष की आयु के बाद के लोगों बीच जीवन अंतर का पता लगाया। इससे उन्हें पता चला कि अलग-अलग स्थान के प्रभाव का असर स्वास्थ्य, जीवनशैली और आनुवांशिकता पर पड़ता है। ये कारक दीर्घायु को प्रभावित करते हैं। शोधकर्ताओं ने पाया कि बरसों तक एक ही शहर में रहने के बाद यदि आप दूसरे शहर में बसते हैं तो जीवनकाल थोड़ा बढ़ जाएगा।



Read More
Source Link

Related Stories