सरकारी कर्मचारियों को केंद्र का तोहफा, पुरानी पेंशन स्कीम चुनने की इजाजत

Spread the love

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ( UNION GOVT ) ने अपने कर्मचारियों को अपनी मर्जी से पुरानी पेंशन स्कीम चुनने की इजाजत दे दी है। जिसका मतलब है कि 1 जनवरी 2004 से 28 अक्‍टूबर 2009 के बीच केंद्र सरकार या केंद्रीय स्‍वायत्‍त संस्‍थाओं में नियुक्‍त हुए कर्मचारी न्‍यू पेंशन स्‍कीम ( NEW PENSION SCHEME ) की जगह पुरानी पेंशन स्‍कीम ( OLD PENSION SCHEME ) का लाभ ले सकते हैं। इस नियम के लागू होने से कर्मचारियों को रिटायर ( GOVT EMPLOYEE RETIREMENT ) होने पर ज्यादा पेंशन मिलेगी । सरकार सेंट्रल सिविल सर्विस (पेंशन) रूल्‍स, 1972 के तहत ये बदलाव किया है।

Corona Impact: HSBC BANK के 35 हजार कर्मचारियों की नौकरी खतरे में...

11 सितंबर तक कर सकते हैं अप्लाई- डिपार्टमेंट ऑफ पेंशन एंड पेंशनर्स की ओर से जारी ऑफिस मेमोरैंडम के मुताबिक, जिन कर्मचारियों पर ये नियम लागू होगा वो पुरानी पेंशन स्‍कीम (OPS) का लाभ लेने के लिए 11 सितंबर 2020 तक आवेदन कर सकते हैं । जो लोग अप्लाई नहीं करेंगे उन्हें नेशनल पेंशन सिस्‍टम के प्रावधानों के तहत फायदा मिलता रहेगा। वहीं, 1 जनवरी 2004 से 28 अक्‍टूबर 2009 के बीच नियुक्‍त हुए और सीसीएस (पेंशन) रूल्‍स के तहत पेंशन लाभ लेने वाले सरकारी कर्मचारियों को पहले की ही तरह फायदा मिलता रहेगा।

क्यों पुरानी स्कीम पसंद करते हैं कर्मचारी- दरअसल पुरानी पेंशन स्‍कीम, न्यू पेंशन स्कीम ( NPS ) से ज्‍यादा फायदेमंद है। इसमें पेंशनर के साथ उसका परिवार भी सुरक्षित रहता है। OPS बेनिफिट मिलने से कर्मचारियों का रिटायमेंट सुरक्षित हो जाएगा।

सरकारी कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना को अच्‍छा मानते हैं, क्योंकि उसमें आखिरी बार निकाली गई सैलरी के आधार पर पेंशन बनती थी। इसके अलावा महंगाई दर बढ़ने के साथ महंगाई भत्‍ता (DA) भी बढ़ जाता था। साथ ही नया वेतन आयोग लागू होने पर भी पेंशन में बढ़ोत्तरी हो जाती है। जबकि NPS में नए कर्मचारियों को रिटायरमेंट के समय पेंशन और पारिवारिक पेंशन के बेनिफिट नहीं मिलेंगे।



Read More
Source Link

Related Stories