घड़ी बनाने वाली HMT के लिए सरकार ने बनाया नया प्लान, अब प्रॉपर्टी से करेगी कमाई

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नई दिल्ली: किसी जमाने में अपने ट्रैक्टर्स के लिए मशहूर HMT यानि Heavy Machine Tools के लिए सरकार ने नया एक्शन प्लान बनाया है। 4 साल से hmt बंद है और अब सरकार ने इस कंपनी की संपत्तियों को लीज पर देने की तैयारी में है।

30 साल के लिए लीज पर दिया जाएगा प्लॉन्ट- 1963 में शुरू हुई hmt कंपनी ने हरियाणा के पिंजौर में 43 एकड़ में बनी HMT की उत्पादन इकाई को 30 साल के लिए लीज पर ( GOVT WILL LEASE OUT HMT PLANT ) दिया जाएगा। कंपनी ने ये बात हेवी इंडस्ट्री डिपार्टमेंट द्वारा जारी प्रस्ताव पत्र (RFP) में आधिकारिक रूप से कही है। HMT की पिंजौर ट्रैक्टर यूनिट की सिंगल शिफ्ट बेसिस पर प्रति वर्ष ट्रैक्टर उत्पादन क्षमता 8,500 यूनिट है। इस यूनिट को लीज पर देने के लिए दो बिड फार्मेट में टेंडर जारी किया गया है। RFP डॉक्युमेंट के मुताबिक इसके लिए सिर्फ कैपिटल गुड्स और ऑटो सेक्टर की कंपनियां बोली लगा सकेंगी। साथ ही बिड लगाने वाली कंपनी की नेटवर्थ कम से कम 31 मार्च 2020 तक 20 करोड़ रुपए होना जरूरी है।

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आपको बता दें कि एचएमटी घड़ियों ( HMT WATCHES ) की शुरूआत जापान की सिटिज़न वॉच कंपनी के साथ मिलकर 1961 में हुई थी। इस कंपनी की नींव पड़ने के साथ ही तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने इन घड़ियों के आने से देश के लोगों में पंक्चुअल होने का अनुशासन आने की उम्मीद जताई थी लेकिन 80 के दशक में टाटा ग्रुप की टाइटन घड़ियों के आने के बाद इन्हें वक्त से पीछे की बताया जाने लगा और देखते ही देखते इनका क्रेज कम होने लगा।

आपको बता दें कि 70 के दशक में HMT घड़ियों का टर्नओवर 242 करोड़ रूपए था, लेकिन लगातार बढ़ते कंप्टीशन की वजह से लगातार मुनाफा घटता रहा जिसके कारण इन घड़ियों का उत्पादन बंद कर देने का फैसला लिया गया और 2016 में इन एचएमटी घड़ियों का उत्पादन हमेशा के लिए बंद करते हुए कंपनी पर ताला लगा दिया गया । अब उस जगह एक बार फिर से काम शुरू होगा लेकिन देखने वाली बात ये होगी कि अब वहां कौन सी कंपनी अपना वक्त बिताती है।



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