‘छिछोरे’ में सुशांत सुसाइड की कोशिश करने वाले बेटे को जीने का हौसला देने वाले पिता बने थे, पर असल जिंदगी में खुद जान दे बैठे

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पिछले साल यानी सितंबर 2019 में एक फिल्म आई थी। नाम था ‘छिछोरे’। सुशांत सिंह राजपूत लीड रोल में थे। फिल्म नितेश तिवारी ने बनाई थी। वही नितेश तिवारी जो दंगल और चिल्लर पार्टी जैसी फिल्में बना चुके थे।

इस फिल्म में सुशांत ऐसे तलाकशुदा पिता के किरदार में थे, जिसका बेटा पढ़ाई के तनाव से गुजर रहा होता है। बेटा जब फेल हो जाता है, तो वह सुसाइड की कोशिश करता है। जब बेटा आईसीयू में होता है, तब बतौर पिता सुशांत अपने बेटे को बताते हैं कि कॉलेज लाइफ में कैसे वे पीछे थे, लेकिन जीने का हौसला उन्होंने नहीं छोड़ा और बाद में टॉपर बने।

एक सीन में अनिरुद्ध के रोल में सुशांत कहते हैं- मैंने बेटे को यह तो बताया कि चुने जाने पर सेलिब्रेट कैसे करना है, मगर यह नहीं बताया कि अगर वह एग्जाम पास नहीं कर पाया, तो क्या करना है।

इस फिल्म ने 150 करोड़ रुपए से ज्यादा का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन किया था। इसका खास कोई प्रमोशन नहीं हुआ था, लेकिन बॉक्स ऑफिस कलेक्शन उम्मीद से भी ज्यादा था।

फिल्म की पूरी कहानी...
फिल्म शुरू होती है अनिरुद्ध पाठक ऊर्फ अन्नी के बेटे गौरव से। अनिरुद्ध यानी सुशांत सिंह राजपूत। बेटा गौरव इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहा है। पिता अपने दौर में टॉपर रहा है। उसकी मां भी टॉपर रही है। गौरव अपने मां-बाप की तरह ही टॉपर रहना चाहता है। उससे कम उसे कुछ भी मंजूर नहीं। रिजल्ट उसके मन मुताबिक नहीं आने पर वह सुसाइड की कोशिश करता है। फिल्म इसके साथ ही आगे बढ़ती है।

यह बताने की कोशिश की जाती है कि कामयाब होने पर जिंदगी में क्या-क्या किया जाए उसकी प्लानिंग तो सबके पास है, पर नाकामी हाथ मिलने पर उससे कैसे डील करना है, उसकी प्लानिंग भी होनी चाहिए। इसके लिए लीड कैरेक्टर अन्नी यानी...



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