मुंबई पुलिस पर बिहार पुलिस को सहयोग न देने का आरोप, तीन दिन बाद भी पोस्‍टमॉर्टम रिपोर्ट, केस डायरी और जब्‍ती सूची सौंपी

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सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड केस में मुंबई पुलिस पर बिहार पुलिस को कोऑपरेट न करने का आरोप लग रहा है। बिहार सरकार के एडवोकेट जनरल ललित किशोर ने अपने एक बयान में यह दावा किया है। उन्होंने कहा, "जब एक राज्य की पुलिस दूसरे राज्य में जांच करने जाती है तो संबंधित राज्य सरकार और उनके अधिकारी उन्हें पूरा सहयोग देते हैं। इस केस में दुर्भाग्य से वे (मुंबई पुलिस) कोऑपरेट नहीं कर रहे हैं।"

पोस्‍टमॉर्टम रिपोर्ट, केस डायरी और जब्‍ती सूची भी नहीं सौंपी

पुलिस महकमे के कुछ अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बिहार से चार पुलिस अधिकारी मुंबई आए हैं। वे अपने दम पर कोटक महिंद्रा और एचडीएफसी बैंक जैसी जगहों पर गए और खातों की छानबीन करने की कोशिश की। चारों अधिकारियों के लिए मुंबई नया शहर है।

जहां उन्हें ठहराया गया है, वहां से बांद्रा पुलिस स्टेशन पहुंचने का रास्ता नहीं बताया गया। दो दिन पहले उन्हें डीसीपी ऑफिस बांद्रा से अंधेरी के चक्कर कटवाए जाते रहे। तीन दिन बाद भी न तो उन्हें सुशांत की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिली और न ही केस डायरी। जब्ती की सूची और मोबाइल डाटा भी उन्हें उपलब्ध नहीं कराया गया है।

पुलिस पर रिया की मदद करने का आरोप भी

इससे पहले सुशांत के पिता केके सिंह के वकील विकास सिंह ने मुंबई पुलिस पर रिया चक्रवर्ती की मदद करने का आरोप लगाया था। उन्होंने एक स्टेटमेंट में कहा था, "जो रिया कुछ दिन पहले तक सीबीआई जांच की मांग कर रही थीं, जब उनके खिलाफ पटना में एफआईआर हुई तो वे जांच रुकवाने सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई हैं। यह बताता है कि मुंबई पुलिस रिया की मदद कर रही है। हम मामले की जांच बिहार पुलिस से करवाना चाहते हैं। अगर रिया ने सुप्रीम कोर्ट...



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