Coronavirus के चलते Delhi university ने लिया बड़ा फैसला, रद्द की फर्स्ट और सेकेंड ईयर की वार्षिक परीक्षाएं, जानिए कैसे होंगे पास

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नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus In India) का कहर लगातार जारी है। कोरोना वायरस (Coronavirus Outbreak) ने पूरी दुनिया की रफ्तार रोक दी है। हर सेक्टर पर इसका प्रभाव (Coronavirus Effect) पड़ा है। फिर चाहे वो उद्योग-धंधे हो, पर्यटन या फिर शिक्षा हर किसी पर किसी असर साफ दिख रहा है। कोरोना वायरस (Coronavirus) के बढ़ते मामले के बीच दिल्ली यूनिवर्सिटी (Delhi university) ने यह तय किया है कि स्नातक के पहले और दूसरे साल की परीक्षाएं नहीं होंगी। इंटरनल एसेसमेंट (Internal assessment) और पिछली छमाही के नतीजों के 50 फीसदी अंकों को जोड़कर छात्रों को आगे प्रोन्नत किया जाएगा।

गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण काल में फिलहाल देश भर में यूनिवर्सिटी (Delhi university), कॉलेज और स्कूल बंद हैं, जिसकी वजह से स्कूलों में अगले सत्र की शुरुआत भी नहीं हो पाई है। इसी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली यूनिवर्सिटी ने यह फैसला लिया है।

जानिए क्या कहा दिल्ली यूनिवर्सिटी ने

दिल्ली यूनिवर्सिटी ने कहा कि इस साल अंडरग्रेजुएट कोर्सेस में पढ़ने वाले दूसरे और चौथे सेमेस्टर के स्टूडेंट्स के लिए कोई परीक्षा आयोजित नहीं होगी। दरअसल, देश में कोरोना के कारण बिगड़ते हालातों को देखते हुए परीक्षा न कराने का फैसला लिया गया है। इस बारे में यूनिवर्सिटी ने नोटिफिकेशन जारी कर जानकारी दी है। नोटिफिकेशन के मुताबिक, "कोविड-19 की वजह देश में बने गंभीर हालात के बीच ऑफलाइन परीक्षाएं आयोजित कराना संभव नहीं।"

इंटरनल असेसमेंट के आधार पर पास किया जाएगा

ऐसे में अब बिना परीक्षा के स्टूडेंट्स को वैकल्पिक तरीकों द्वारा नंबर्स दिए जाएंगे। यानी स्टूडेंट्स को इंटरनल असेसमेंट के आधार पर पास किया जाएगा। हालांकि, फाइनल ईयर में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को ओपन बुक एग्जाम देने होंगे। डीयू के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL), और नॉन-कॉलेजिएट महिला शिक्षा बोर्ड (NCWEB) में पढ़ने वाले स्टूडेंट्स को भी इसी तरह से पास किया जाएगा।

इस आधार पर दिए जाएंगे नंबर

परीक्षा रद्द होने के बाद अब पहले और दूसरे ईयर के स्टूडेंट्स को इंटरनल असेसमेंट और पिछले सेमेस्टर के नंबरों के आधार पास किया जाएगा। दिल्ली यूनिवर्सिटी ने नोटिफिकेशन जारी कर बताया कि स्टूडेंट्स को 50 फीसदी नंबर इंटरनल इवैल्यूएशन या असाइनमेंट और 50 फीसदी नंबर पिछले सेमेस्टर/टर्म/ ईयर के नंबरों के आधार पर दिए जाएंगे। वहीं, फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट्स जिनकी पिछली परीक्षाओं का कोई रिकॉर्ड नहीं हैं, उन्हें 100 फीसदी असाइनमेंट के आधार पर पास किया जाएगा।



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