जब Sushant Singh Rajput ने अपने एक तस्वीर के साथ लिखा था- "ज़िंदगी हम तेरे हाथों से न मारे जाएं"

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नई दिल्ली: फिल्म इंडस्ट्री के लिए 2020 बहुत ही बुरा साबित हो रहा है। पहले इरफान खान (Irrfan Khan), ऋषि कपूर (Rishi Kapoor), वाजिद खान और अब सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) ने दुनिया को अलविदा कह दिया। सुशांत ने मुंबई (Mumbai) स्थित अपने घर फांसी लगाकर जान दे दी। पुलिस के मुताबिक वह डिप्रेशन का इलाज करवा रहे थे। सुशांत बीते 6 महीने से डिप्रेशन में थे। उनकी मौत से हर कोई सदमे में हैं। सुशांत ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल (Sushant Singh Rajput Instagram) से आखिरी पोस्ट अपनी मां के लिए किया था। लेकिन इससे भी कहीं ज्यादा चौंकाने वाले हैं उनके पुराने पोस्ट, जिसमें उन्होंने अपने दिल की बातें कही थीं। एक पोस्ट में उन्होंने लिखा था, यूंही मर मर के जिएं वक्त गुजारे जाएं, जिंदगी हर तेरे हाथों से न मारे जाएं।

अपनी एक तस्वीर के साथ सुशांत सिंह राजपूत ने अहमद फराज की कुछ लाइनें लिखी हैं। "यूंही मर मर के जिएं वक़्त गुज़ारे जाएं, ज़िंदगी हम तिरे हाथों से न मारे जाएं...अब ज़मीं पर कोई गौतम न मोहम्मद न मसीह, आसमानों से नए लोग उतारे जाएं...वो जो मौजूद नहीं उस की मदद चाहते हैं, वो जो सुनता ही नहीं उस को पुकारे जाएं...हम कि नादान जुआरी हैं सभी जानते हैं, दिल की बाज़ी हो तो जी जान से हारे जाएं।" उनकी इस पोस्ट पर अब लोग कमेंट कर रहे हैं कि आपके कैप्शन का असली मतलब कोई समझा ही नहीं। कोई लिखता है कि सर ये कैप्शन बहुत कुछ कहता है।



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