Amitabh Bachchan को आई पिता की याद, कहा- विचलित मोड़ पर मिला साथ

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नई दिल्ली। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन(Amitabh Bachchan ) आज के समय में बॉलीवुड का वो चर्चित सितारा है। जिसके बिना फिल्म इंडस्ट्री अधुरी है। उनकी हर फिल्मों में उनका अभिनय सच्चाई के साथ साफ देखने के मिलता है। वे अपने अभिनय के साथ सोशल मीडिया पर भी इसी तरह की बातों को अमल में रखते है और लोगों को अपनी बातों से जागरूक करने की कोशिश करते हैं। यह बात हर कोई जानता है कि वो अपने पिता के कितने नजदीक रहे हैं। अब अमिताभ इस उम्र के पड़ाव पर आने के बाद भी अपनी पिता (harivansh rai poetry)की बातों को हमेशा याद करते हैं। अभी हाल ही में बिग बी ने फिर अपने पिता को याद करते हुए उनकी लिखी कुछ पंक्तियां अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर की हैं।

अमिताभ ने पिता को याद करते हुए लिखा, "मन का हो तो अच्छा; मन का ना हो तो ज्यादा अच्छा" बाबूजी ने जब मुझे मेरे जीवन के एक विचलित मोड़ पर ये सिखाया, तो समझ में नहीं आया. जो मन का ना हो वो ज्यादा अच्छा कैसे हो सकता है. फिर जब उन्होंने समझाया तो समझ गया. "अगर तुम्हारे मन का नहीं हो रहा है, तो वो ईश्वर के मन का हो रहा है, और ईश्वर हमेशा, तुम्हारा अच्छा ही चाहेगा, इसलिए ज्यादा अच्छा!"

अमिताभ के द्वारा शेयर किया गया पोस्ट फैंस को काफी पसंद रहा है। कमेंट बॉक्स में लोग अपने विचार लिख रहे हैं और उनकी लिखी बाते सोछने को मजबूर कर रही है कि बिग बी ने ऐसा पोस्ट क्या सोच कर लिखा है। वर्क फ्रंट की बात करें तो अमिताभ की आने वाली फिल्मों में सबसे पहले ब्रह्मास्त्र है जो अभी कोरोना के चलते अटकी हुई है।
बता दे कि हरिवंश राय की लिखी हुई ये पंक्तियां अमिताभ ने आज के तनाव को देखते हुए शेयर की है। क्योकि अभी हाल ही में सुशांत सिंह इसी तनाव की वजह से मौत का शिकार हुए थे।



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