Nepal में भूस्खलन से भारी तबाही, 18 घर हुए जमींदोज, 3 की मौत, 25 से अधिक लापता

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काठमांडू। पड़ोसी देश नेपाल में भारी बारिश के बाद जगह-जगह भूस्खलन की घटनाएं लगातार जारी है। भूस्खलन की इन घटनाओं से नेपाल में तबाही मची हुई है। नेपाल के सिंधुपाल चौक जिले में भारी बारिश के बाद बीती रात भूस्खलन की एक डरावनी घटना में 18 घर जमींदोज हो गए। इस घटना में 25 से अधिक लोग लापता हो गए, जबकि कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई है।

इस प्राकृतिक आपदा में हुई तबाही को देखते हुए नेपाल की सेना फौरन मौके पर पहुंच चुकी है और राहत-बचावकार्य किया जा रहा है। बताया जा रहा कि सिंधुपाल चौक में सबसे अधिक बारहबीस ग्रामीण निकाय-7 प्रभावित है।

बीती रात इस इलाके में भारी बारिश के बाद भूस्खलन की भयानक तस्वीर सामने आई है। वहीं, दूसरी ओर भीरखर्का जिले में भी भूस्खलन ने कहर बरपाया है। इस जिले में 9 घर भूस्खलन के बाद बह गए, जिसमें 20-25 लोग लापता हैं।

भूस्खलन से हुआ भारी नुकसान

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिंधुपाल चौक और भीरखर्का जिले में भारी बारिश के बाद भूस्खलन की घटना में भारी नुकसान हुआ है। बारहबीस के चेयरमैन निम फिंजो शेरपा के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में ये बताया गया है कि अभी तक कुल कितना नुकसान हुआ है इसका आंकलन किया जा रहा है। विस्तृत जानकारी मिलने के बाद इसे सार्वजनिक किया जाएगा।

शेरपा ने मीडिया को बताया है कि भूस्खलन में 9 घरों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिली है, जबकि इस घटना में अभी तक 20-25 लोगों के लापता होने की भी बात कही जा रही है।

राहत-बचावकार्य और तलाशी अभियान में जुटी सेना

आपको बता दें कि भूस्खलन की इस खौफनाक घटना के बाद सेना के जवान मौके पर पहुंच चुके हैं और राहत-बचावकार्य के साथ तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। सैनिक मलबे को हटाकर संभावित पीड़ितों को तलाशने और बचाने में जुटे हैं।

भारी बारिश के कारण राहत-बचाव कार्य में सैनिकों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल में भूस्खलन के कारण इस साल करीब 300 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 150 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। भूस्खलन की घटना में इस साल 125 से ज्यादा लोगों के लापता होने की भी आशंका है। बता दें कि नेपाल में मानसून की बारिश लागातार हो रही है और हर साल जून से लेकर सितंबर के आखिर तक भूस्खलन की खौफनाक घटना का कहर जारी रहता है।



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Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by CurrentIndia.net. Source: Patrika.com

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