Afghanistan: एक माह की लंबी जद्दोजहद के बाद गनी और अब्दुल्ला ने समझौते पर हस्ताक्षर किया

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काबुल। अफगानिस्तान (Afghanistan) के राष्ट्रपति अशरफ गनी (Ashraf Ghani) और उनके प्रतिद्वंद्वी अब्दुल्ला अब्दुल्ला (Abdullah Abdullah) ने एक महीने के राजनीतिक गतिरोध को समाप्त करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है। गनी के प्रवक्ता ने रविवार को कहा कि इस कदम से देश में लंबे समय से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों को बल मिलेगा। साल 2014 में भी दोनों सत्ता की साझेदारी कर चुके हैं।

अब्दुल्ला ने सितंबर में चुनाव के परिणामों पर विवाद खड़ा कर दिया था और इस साल की शुरुआत में एक समानांतर सरकार के गठन की घोषणा की। ये वह समय था जब अमरीका 19 साल के अफगान युद्ध को समाप्त करने के लिए तालिबान के साथ शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा था।

गनी ने कहा कि अफगानिस्तान के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। अफगान ने साबित किया है कि वे अपने राष्ट्रीय हितों के लिए आम सोच के साथ प्रतिबद्ध हैं। "आने वाले दिनों में, हम आशा करते हैं कि एकता और सहयोग के साथ, हम युद्धविराम और स्थायी शांति के लिए जमीन प्रदान करने में सक्षम होंगे," उन्होंने कहा।

समझौते के तहत अशरफ गनी राष्ट्रपति बने रहेंगे, वहीं अबदुल्ला अब्दुल्ला राष्ट्रीय सुलह के लिए गठित परिषद के प्रमुख होंगे और उनके पास मंत्रीमंडल में 50 फीसदी की हिस्सेदारी होगी। अब्दुल्ला के पास आंतरिक, आर्थिक, न्याय, श्रम और सोशल अफेयर्स के मंत्रालय होंगे। इससे पहले अब्दुल्ला अब्दुल्ला अफगानिस्तान की पिछली सरकार में विदेश मंत्री भी रह चुके हैं।

दो लोगों पक्षों के बीच बढ़ते गतिरोध से वाशिंगटन निराश हो गया था, यहां तक कि राज्य के सचिव माइक पोम्पिओ ने मार्च में काबुल की मध्यस्थता के लिए यात्रा की थी। इस दौरान उन्होंने 1 बिलियन की सहायता में कटौती की योजना की घोषणा की थी। पोम्पेओ ने इस समझौते का स्वागत किया उन्होंने कहा कि अमेरिका अंतर-अफगान वार्ता और एक राजनीतिक समझौता करने के लिए तत्पर है।



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