भारत का खुलकर समर्थन कर रहा America, कहा-चीन पड़ोसियों पर उकसावे वाली कार्रवाई कर रहा

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वाशिंगटन। बीते दिनों LAC स्थित गलवान घाटी में चीन और भारतीय सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प को लेकर अमरीका खुलकर भारत का समर्थन कर रहा है। एक अमरीकी नेता के अनुसार पूर्वी लद्दाख में चीन की हालिया आक्रामकता उसके पड़ोसियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य उकसावे का हिस्सा है। अमरीका शांतिपूर्ण राष्ट्रों को अकारण डराने की कोशिश में लगा हुआ है। अमरीका सैन्य कार्रवाई को लेकर चीन के साथ खड़ा नहीं होगा। यह बात अमरीका के प्रभावशाली नेता टेड योहो ने कही है।

अमरीकी नेता टेड योहो के अनुसार दुनिया के एकसाथ आने का अब सही समय है। चीन से यह कहने का अब सही समय है कि बस बहुत हुआ। टेड योहो ने कहा कि भारत के खिलाफ सैन्य कम्युनिस्ट पार्टी की चाल है। वह भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहा है। इस तरह से कोरोना वायरस से ध्यान हटाकर वह दुनिया को अन्य मुद्दों पर लाना चाहता है।

उन्होंने शुक्रवार को कहा कि भारत के खिलाफ कार्रवाई चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की रणनीति चाल है। इसी तरह चीन हांगकांग, ताइवान और वियतनाम सहित कई देशों के खिलाफ चीन बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई कर रहा है। रिपब्लिकन नेता ने ट्वीट किया, अमरीका शांतिपूर्ण राष्ट्रों पर बिना किसी बात के कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं करेगा। टेड योहो ने कहा, 'दुनिया को एक साथ आने और चीन से यह कहने का समय है कि अब बस बहुत हुआ.'

इससे पहले, प्रतिनिधि सभा में सबसे लंबे समय तक सेवारत रहे भारतीय-अमरीकी सांसद डॉ.एमी बेरा ने भारतीय सीमा पर चीन के हमले पर गहरी चिंता जाहिर की थी। डॉ.अमी बेरा ने ट्वीट कर कहा कि वे बल का प्रयोग करने के बजाय चीन को भारत के साथ अपने कूटनीतिक तंत्र का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करेंगे।

एशिया को लेकर गठित सदन की विदेश उपसमिति के अध्यक्ष के रूप में एमी बेरा ने कहा था कि वह भारत के साथ सीमा पर जारी चीन हमले से चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि यह चीन और भारत के बीच का मामला है। उन्होंने कहा कि सीमा पर तनाव बढ़ाना और युद्ध होने से दोनों देशों के लिए हानिकारक है। बता दें कि भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख के पैंगोंग झील, गलवान घाटी, डेमचौक और दौलत बेग ओल्डी में सीमा को लेकर गतिरोध अभी बना हुआ है।



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